Friday, 29 March 2013

खून से 500 बार अभिषेक, 3100 तिलक लगाने पर भी 'प्रकट' नहीं हुए शिव तो पूरे परिवार ने खाया जहर


गंगापुर सिटी। राजस्‍थान में तंत्र विद्या और अंधविश्वास के चक्कर में एक ही परिवार के 8 लोगों के जहर खा लेने की घटना से जुड़ी खौफनाक जानकारियां सामने आई हैं। परिवार के जिन पांच लोगों की इस घटना में मौत हो गई, उनमें से कंचन सिंह राजपूत पेशे से फोटोग्राफर था। वह तंत्र-मंत्र में विश्वास करता था। उसने 'ईश्वर से साक्षात्कार' की योजना बनाई और पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिग की। रोंगटे खड़े करने वाली इस रिकॉर्डिग में पूरी घटना का एक-एक पल दर्ज है। (तस्‍वीरों में देखें, पूरा घटनाक्रम)
सोमवार रात नसिया कॉलोनी के कंचन सिंह राजपूत और उसके परिवार के सभी सदस्यों ने भगवान शिव का आह्वान कर सशरीर साक्षात्कार करने के लिए हवन किया। अपने खून से भगवान शिव को कई बार नहलाने, खून में भिगोकर हवन में कई चीजों की आहुतियां देने के बाद भी जब शिव प्रकट नहीं हुए तो सभी ने यह विचार कर मावे के लड्डू में जहर खा लिया कि यदि भगवान प्रकट नहीं होते हैं तो वे मौत को गले लगाकर उनके पास चले जाएंगे। 
वीडियो में परिवार के सभी लोग हंसते-हंसते लड्डू में जहर मिला कर खाते दिख रहे हैं। रिकॉर्डिग में अपने खून से भगवान शिव को कई बार नहलाने, खून में भिगोकर हवन में कई चीजों की आहुतियां देने, खून निकालने के लिए मेडिकल सीरिंज और उसका पूरा डिब्बा दिखाई दे रहा है। 
जहर मिले लड्डू खाने के बाद कंचन सिंह (45), उसकी पत्नी नीलम (40), पुत्री ड्रीमी (16), पुत्र प्रद्युम्न (11) और छोटे भाई दीपसिंह (40) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कंचन की मां भगवती, दीपसिंह का बेटा लव सिंह और भांजी रश्मि अचेत हो गए। रश्मि को होश आया तो उसने पुलिस और एंबुलेंस को फोन करने के बाद पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। पड़ोसियों के सहयोग से पुलिस ने सभी को अस्‍पताल पहुंचाया।
वीडियो रिकॉर्डिग में भगवान के अवतरित नहीं होने पर सायनाइड खाकर जान देने की बात तो है ही, पूरे परिवार ने मौत के बाद के कार्यक्रम के बारे में भी बताया है। वीडियो रिकॉर्डिग में उल्लेख है कि भांजी रश्मि की 12 अप्रैल को होने वाली शादी स्वर्ग में ही करेंगे।

भगवान शिव का सीरियल देखा, फिर की उनसे मिलने की बात
वीडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार कंचन सिंह के परिवार के सभी सदस्यों ने सबसे पहले भगवान शिव व पार्वती का टीवी पर सीरियल देखा। इसके बाद सभी सदस्यों ने भगवान भोलेनाथ की आराधना की थी फिर सभी एक कमरे में बैठ गए और हंसी मजाक करते रहे। सभी एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि उनकी मौत होने के बाद स्वर्ग में जाने पर कैसा लगेगा। कंचन सिंह ने कहा कि भगवान शिव, दुर्गा माता व अन्य देवी-देवताओं से हमारी रोजाना बात होती है। मैं और मेरा भाई अब तक भगवान भोलेनाथ का 500 से अधिक बार खून से अभिषेक कर चुके हैं और 3100 से अधिक बार खुद के खून से तिलक किया है। घटना के दिन भी परिवार के सभी सदस्यों ने पहले तो खुद के खून से भोलेनाथ का अभिषेक किया और इसके बाद बच्चों ने अपने खून से तिलक लगाया।

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