Wednesday, 2 October 2013

गाय रोती हुई दिखे तो हो सकती है अनहोनी, शुभ संकेत भी देती है गाय

शास्त्रों में गाय को माता कहा है। गाय एक बहुपयोगी पशु है जो कि कई रूपों में फायदेमंद भी है। पुराने समय में सभी के घरों में गाय अनिवार्य रूप से होती थी। आज भी गांव में रहने वाले या ग्रामीण परिवेश से संबंधित लोगों के यहां गाय अवश्य रहती है।
हिंदू धर्म ग्रंथों में गाय बहुत ही पवित्र और पूज्यनीय मानी गई है। ऐसा माना जाता है कि गाय की पूजा करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त हो जाती है। गाय को घर में रखने से कई फायदे होते हैं साथ ही गाय से जुड़े कई शकुन-अपशकुन भी हमारे समाज में प्रचलित हैं।

 यदि जाते समय गाय रोती दिखाई दे तो यात्रा में व्यक्ति के साथ कुछ अनिष्ट होने की संभावना बनती है। जब गाय के ऊपर अत्यधिक मक्खियां बैठने लगे तो अच्छी वर्षा की संभावना बनती है।
इसके विपरीत किसी प्रवासी की आधी रात या दिन के समय गाय रंभाती दिखाई दे तो उसको यात्रा में भयजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। 
 यात्रा करते समय बाईं ओर गाय का स्वर सुनना शुभ रहता है, रात में यदि गाय हुंकार भरती है तो यह भी शुभ शकुन माना जाता है।
 यात्रा पर जा रहे व्यक्ति को यदि गाय अपने खुरों से जमीन खुरचती दिखाई दे तो आने वाले समय में उस व्यक्ति को रोग घेर लेता है।
यदि यात्री को अपने बछड़े से मिलने के लिए उतावली गाय रंभाती दिखे तो उसके सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं।
गाय जहां रहती है वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय नहीं हो पाती और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती रहती है। गाय से निकलने वाली गंध से वातावरण में मौजूद कई हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
 गाय का दूध भी कई बीमारियों में औषधि का काम करता है। गाय को घर में रखने से सभी प्रकार के ज्योतिष दोष और वास्तु दोष भी नष्ट हो जाते हैं।
 गाय का मूत्र कई बीमारियों में औषधि के रूप काम लिया जाता है। गौमूत्र से कैंसर का इलाज हो जाता है। गाय के प्रभाव में रहने वाले व्यक्ति को कभी ऐसी कोई भी बीमारी नहीं होती। गाय का गोबर भी कई कामों में उपयोग किया जाता है।

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