दिनांक 5 अक्टूबर 2013 शनिवार से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। शनि वर्तमान में अपनी उच्च तुला राशि में विराजमान है। साथ में राहु भी स्थित है। यह एक खास योग है। इस प्रकार की ग्रह स्थिति और नवरात्रि का योग 147 वर्ष पहले बना था। आने वाले समय शनि-राहु की तुला राशि में युति के साथ नवरात्रि का योग 148 वर्ष बाद सन 2161 में बनेगा।
आने वाले समय में फसलों की अच्छी आवक होगी एवं कारोबार में रौनक बनी रहेगी। किसानों को लाभ होगा एवं जनमानस में उत्साह एवं खुशियां रहेंगी। वर्षा के योग भी कहीं-कही बनेंगे। मूल्यवान धातुओं के भाव में तेजी-मंदी चलती रहेगी। जनता एवं सरकार के मध्य संघर्ष जारी रहेगा।शनि के प्रभाव से मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, छत्तीसगढ़ के होने वाले चुनावों में सत्तासीन पार्टियों को कड़ी मेहनत करना होगी।
मेष- शनि की पूर्ण दृष्टि एवं नवरात्रि का योग अच्छे खान-पान के साथ भरपूर उत्साह बनाए रखेगा। इस राशि के लोगों को स्कंद माता की विशेष उपासना करनी चाहिए। दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें। स्कंदमाता करुणामयी हैं, जो वात्सल्यता का भाव रखती हैं।
वृषभ- आपके लिए भ्रमण, दर्शन एवं धार्मिक कार्यों में सम्मिलित होने के योग बन रहे हैं। परिवार के साथ वक्त बितेगा। वृषभ राशि के लोगों को दुर्गा के महागौरी स्वरूप की उपासना से विशेष फल प्राप्त होते हैं। ललिता सहस्र नाम का पाठ करें। यह जन-कल्याणकारी हैं। अविवाहित कन्याओं को मां की आराधना से उत्तम वर की प्राप्ति होती है।
मिथुन- इस राशि के लोगों को अच्छी आय प्राप्त होगी जिससे जीवन में सुधार होगा। बुरी लत से छुटकार मिलेगा। संपदा का लाभ होगा। इस राशि के लोगों को देवी-यंत्र स्थापित कर ब्रह्मचारिणी की उपासना करनी चाहिए। साथ ही तारा कवच का रोज पाठ करें। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान प्रदाता, विद्या के अवरोध दूर करती हैं।
कर्क- आपके लिए किसी बड़े कार्य के बनने के आसार बन रहे हैं। पुरानी मुसीबतों से छुटकारा मिलेगा। कर्क राशि के लोगों को शैलपुत्री की पूजा-उपासना करनी चाहिए। लक्ष्मी सहस्रनाम का पाठ करें। भगवती की वरद मुद्रा अभय दान प्रदान करती हैं।
सिंह- इस नवरात्रि में आपके लिए आनंददायक समय रहेगा। व्यापार में नए संबंध बनेंगे, जो कि आपके लिए लाभ के योग बनाएंगे। आपके सम्मान में वृद्धि होगी। सिंह राशि के लिए मां कूष्मांडा की साधना विशेष फल प्रदान करने वाली है। दुर्गा मंत्रों का जप करें।
कन्या- उत्साह उमंग का वातावरण बना रहेगा। नवरात्रि में खरीददारी एवं घुमने-फिरने में समय गुजरेगा। इस राशि के लोगों को ब्रह्मचारिणी का पूजन करना चाहिए। लक्ष्मी मंत्रों का सविधि जप करें। विद्या ज्ञान प्रदान करती हुई कार्य के सभी अवरोधों को दूर करती हैं। विद्यार्थियों हेतु देवी की साधना फलदायी है।
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