Wednesday, 2 October 2013

नवरात्रि शनिवार से: 147 साल बन रहे हैं खास योग, ये हैं 12 राशियों पर असर

तुला- इस नवरात्रि में इस राशि के लोगों को धनलाभ होगा। सुखपूर्वक समय व्यतीत होगा। जो लोग बेरोजगार हैं उन्हें रोजगार की प्राप्ति होगी और सुख मिलेगा। तुला राशि के लोगों को महागौरी की पूजा-आराधना से विशेष फल प्राप्त होते हैं। काली चालीसा या सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करें। यह जन-कल्याणकारी हैं। अविवाहित कन्याओं को मां की आराधना से उत्तम वर की प्राप्ति होती है।
वृश्चिक- सगे-संबंधियों से मुलाकात होगी। घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। अतिथियों को आगमन होगा एवं प्रसन्नता बनी रहेगी। वृश्चिक राशि के लोगों को स्कंदमाता की उपासना श्रेष्ठ फल प्रदान करती है। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। माता इस रूप में वात्सल्य भाव रखती हैं।
धनु- इस नवरात्रि में आपको हर्षदायक समाचारों की प्राप्ति होगी। आपका प्रभाव बढ़ेगा एवं खुशियों में वृद्धि होगी। इस राशिवालों को मां चंद्रघंटा की उपासना करनी चाहिए। माता मंत्रों का यथाविधि अनुष्ठान करें। मंदिर का घंटा प्रतीक है उस ब्रह्मनाद का, जो साधक के भय एवं विघ्नों को अपनी ध्वनि से नष्ट कर देता है।
मकर- आपको मां की भक्ति के दिनों में मित्रों एवं सहयोगियों का साथ मिलेगा। आप परिवार की आवश्यकता की पूर्ति में सफल होंगे। मकर राशि के जातकों के लिए कालरात्रि की पूजा सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। नर्वाण मंत्र का जप करें। मां कालरात्रि अंधकार में भक्तों का मार्गदर्शन करती हैं और प्राकृतिक प्रकोप, अग्निकांड आदि का शमन करती हैं। वे शत्रु संहारक हैं।
कुंभ- इस नवरात्रि में कुंभ राशि के लोगों को मनचाही जगह जाने का मौका मिलेगा। वाहन सुख की प्राप्ति होगी। कार्य में आ रही बाधाएं दूर हो जाएंगी। कुंभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए कालरात्रि की उपासना लाभदायक। देवी कवच का पाठ करें।
मीन- धार्मिक अनुष्ठानों एवं आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। सभी ओर से खुशियों की प्राप्ति होगी। मीन राशि के लोगों को मां चंद्रघंटा की उपासना करनी चाहिए। हरिद्रा की माला से यथासंभव बगलामुखी मंत्र का जप करें।

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